रामेश्वरसिंह राजपुरोहित
बाड़मेर।
- लाखों लोग होंगे ऐतिहासिक कदम के गवाह, स्थानीय लोगों मिलेगा रोजगार।
बाड़मेर।
- लाखों लोग होंगे ऐतिहासिक कदम के गवाह, स्थानीय लोगों मिलेगा रोजगार।
जिले के पचपदरा में बनने वाली राजस्थान रिफाइनरी (रिफाइनरी कम पेट्रो कैमिकल्स) का शिलान्यास 16 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, राज्य से केंद्रीय मंत्री परिषद में शामिल तमाम मंत्री, सांसद, विधायक, राज्य कैबिनेट के सदस्य मौजूद रहेंगे।
रिफाइनरी के शिलान्यास के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय ने राज्य सरकार को शिलान्यास के लिए 16 जनवरी तिथि बताई है।
रिफाइनरी के शिलान्यास के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय ने राज्य सरकार को शिलान्यास के लिए 16 जनवरी तिथि बताई है।
पेट्रोलियम विभाग और एचपीसीएल ने पचपदरा में रिफाइनरी के शिलान्यास की तैयारी शुरू कर दी है। एक-दो दिन में एसपीजी की टीम भी शिलान्यास स्थल पर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करेगी। साथ ही साथ वहां शिलान्यास के दौरान उपस्थित रहने वाले जनसमूह के लिए विशाल पांडाल भी लगाए जाएंगे।
बहरहाल यह जानना जरूरी है कि राज्य के महत्वाकांक्षी रिफाइनरी प्रोजेक्ट की भूमि से गुजर रही बिजली, पानी और टेलीफोन की लाइनों को हटाने का कार्य शुरू हो गया है। इसके अलावा क्रूड और पानी की पाइप लाइन के सर्वे के टेंडर अगले सप्हताह निकाले जाएंगे। सूत्रों के मुताबिक 11 और 33 केवी की विद्युत लाइनें, 2 पानी की लाइन और टेलीफोन की कई लाइनों को हटाया जा रहा है। मौके पर अभी रिफाइनरी की 4567 एकड़ भूमि पर चारदीवारी का काम चल रहा है। चारदीवारी की चारों ओर की लम्बाई करीब 27 किलोमीटर है।
रिफाइनरी प्रोजेक्ट के लिए पानी व बिजली आपूर्ति किए जाने को लेकर भी कार्रवाई जारी है। अभी रिफाइनरी निर्माण के दौरान पानी की जरूरत रोजाना 1 एमएलडी की होगी, जबकि रिफाइनरी चालू होने के बाद रोजाना 5 एमएलडी पानी की आवश्यकता होगी। यह पानी इंदिरा गांधी नहर के नाचना बांध से लाए जाने के लिए पाइपलाइन डाली जाएगी। कुल मिलाकर राज्य सरकार रिफाइनरी प्रोजेक्ट को लेकर तैयारियों को अंतिम रूप देने में लगी है। उम्मीद की जा रही है कि नए साल की शुरुआत के साथ ही रिफाइनरी प्रोजेक्ट पर तेजी से काम शुरू हो जाएगा।
लाखों लोग होंगे ऐतिहासिक कदम के गवाह -
जानकारी के अनुसार शिलान्यास समारोह के लिए बाड़मेर जिले सहित प्रदेश भर से लाखों की संख्या में लोग पहूंचेंगे। इस भारी भीड़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने पूरी व्यवस्था कर रखी है। लोग ऐतिहासिक पल के गवाह बनने के लिए बड़े उत्सुक है।
लाखों स्थानीय लोगों को मिलेगा रोजगार -
एक अनुमान के अनुसार रिफाइनरी के दौरान स्थानीय लोगों को लगभग पांच लाख के आसपास रोजगार मिलने की संभावना है। वही इससे पूरे क्षेत्र का बहुत ही गति से विकास हो जाएगा। वही गरीब लोगों के दिन फिर जाएंगे। वही इस दौरान होने वाले विकास के चलते बाड़मेर विकास गति के कारण दुबई को भी पछाड़ देगा।
रि-नेगोशिएशन के कारण निवेश पर आय 2 की बजाय 12 प्रतिशत :
राज्यहित में सकारात्मक सोच के साथ हुए रि-नेगोशिएशन के परिणामस्वरूप इस परियोजना की लागत में 40 हजार करोड़ रुपये की महत्त्वपूर्ण बचत सुनिश्चित हुई है। शर्तों के पुनर्निर्धारण के बाद अब राज्य को पूर्ववर्ती समझौते में तय किए गए दो प्रतिशत की बजाय 12 प्रतिशत रिटर्न ऑन इन्वेस्टमेंट (निवेश पर आय) मिलेगा।
रिफाइनरी क्षेत्र में कौशल विकास केन्द्रों से जुड़ेंगे युवा :
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाड़मेर रिफाइनरी बीएस-6 मानक के पेट्रो उत्पाद बनाने वाली देश की पहली रिफाइनरी परियोजना होगी, जिससे पर्यावरण संरक्षण में मदद मिलेगी। उन्होंने अधिकारियों को आईटीआई तथा कौशल विकास केन्द्रों के माध्यम से स्थानीय युवाओं को रिफाइनरी और उससे जुड़े उद्योगों में रोजगार पाने के लिए तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पश्चिमी राजस्थान में पेट्रोलियम इंस्टीट्यूट की स्थापना की संभावना भी तलाशी जाए।
राज्यहित में सकारात्मक सोच के साथ हुए रि-नेगोशिएशन के परिणामस्वरूप इस परियोजना की लागत में 40 हजार करोड़ रुपये की महत्त्वपूर्ण बचत सुनिश्चित हुई है। शर्तों के पुनर्निर्धारण के बाद अब राज्य को पूर्ववर्ती समझौते में तय किए गए दो प्रतिशत की बजाय 12 प्रतिशत रिटर्न ऑन इन्वेस्टमेंट (निवेश पर आय) मिलेगा।
रिफाइनरी क्षेत्र में कौशल विकास केन्द्रों से जुड़ेंगे युवा :
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाड़मेर रिफाइनरी बीएस-6 मानक के पेट्रो उत्पाद बनाने वाली देश की पहली रिफाइनरी परियोजना होगी, जिससे पर्यावरण संरक्षण में मदद मिलेगी। उन्होंने अधिकारियों को आईटीआई तथा कौशल विकास केन्द्रों के माध्यम से स्थानीय युवाओं को रिफाइनरी और उससे जुड़े उद्योगों में रोजगार पाने के लिए तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पश्चिमी राजस्थान में पेट्रोलियम इंस्टीट्यूट की स्थापना की संभावना भी तलाशी जाए।


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