रामेश्वर सिंह राजपुरोहित
नई दिल्ली
नई दिल्ली
पीएम मोदी ने कहा कि इसे मंजूरी मिलने से समाज के सभी वर्गों को न्याय मिलने की दिशा में आरक्षण के लिए लाए गए 124वें संविधान संशोधन विधेयक को लोकसभा ने बहुमत के साथ पारित किया। बिल में सभी संशोधनों को बहुमत से मंजूरी दे दी गई। इस विधेयक के समर्थन में 323 वोट पड़े, जबकि 23 सांसदों ने इसके खिलाफ मतदान किया।सामान्य वर्ग के गरीबों को 10 पर्सेंट आरक्षण को लेकर संविधान संशोधन विधेयक लोकसभा से पारित होने का पीएम नरेंद्र मोदी ने स्वागत किया है। 323 वोटों से विधेयक के पारित होने पर ट्वीट करते हुए पीएम मोदी ने कहा, '124वां संविधान संशोधन बिल, 2019 का लोकशभा से पारित होना देश के इतिहास में मील का पत्थर है।'
जनरल कोटा: संविधान संशोधन बिल LS में पास, मिले 323 वोटपीएम मोदी ने कहा कि इसे मंजूरी मिलने से समाज के सभी वर्गों को न्याय मिलने की दिशा में सकारात्मक कदम उठाए जा सकेंगे। उन्होंने कहा कि इस विधेयक का समर्थन करने के लिए भी मैं सभी दलों के सांसदों का आभार व्यक्त करता हूं। यही नहीं इस विधेयक को लेकर लोकसभा में रचनात्मक डिबेट करने वाले सभी सांसदों की भी मैं प्रशंसा करता हूं।
एक बार फिर से सबका साथ, सबका विकास के नारे की बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा, 'हम सबका साथ सबका विकास के सिद्धांत पर काम करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं।' पीएम मोदी ने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि देश के सभी गरीबों को जाति और संप्रदाय से परे सम्मान से जीवन जीने का हक मिल सके।
- प्रमुख बातें
- पीएम मोदी ने कहा कि इसे मंजूरी मिलने से समाज के सभी वर्गों को न्याय मिलने की दिशा में सकारात्मक कदम उठाए जा सकेंगे।
- मोदी ने कहा कि विधेयक का समर्थन करने के लिए भी मैं सभी दलों के सांसदों का आभार व्यक्त करता हूं।
- पीएम मोदी ने कहा, 'हम सबका साथ सबका विकास के सिद्धांत पर काम करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं।
- करीब 5 घंटे तक चली बहस में लगभग सभी दलों ने इसका पक्ष लिया, लेकिन किसी ने भी इसका खुलकर विरोध नहीं किया।
- सांसदों ने इस विधेयक को लेकर सरकार की नीयत पर सवाल खड़े किए और कानूनी एवं संवैधानिक तौर पर इसके टिकने को लेकर अपनी बात कही।
- आरजेडी के सांसद जयप्रकाश यादव और एसपी के धर्मेंद्र यादव ने इस बिल को धोखा करार देते हुए आबादी के अनुपात में आरक्षण की बात की।
सामान्य वर्ग के गरीबों के लिए 10% आर्थिक आरक्षण के प्रस्ताव वाले बिल को लोकसभा से मंजूरी मिल गई है। आरक्षण के लिए लाए गए 124वें संविधान संशोधन विधेयक को लोकसभा ने बहुमत के साथ पारित किया। बिल में सभी संशोधनों को बहुमत से मंजूरी दे दी गई। इस विधेयक के समर्थन में 323 वोट पड़े, जबकि महज 3 सांसदों ने इसके खिलाफ मतदान किया। कुल 326 सांसदों ने मतदान किया था।
इस विधेयक को लेकर मंगलवार को करीब 5 घंटे तक चली बहस में लगभग सभी दलों ने इसका पक्ष लिया, लेकिन किसी ने भी इसका खुलकर विरोध नहीं किया। हालांकि कई सांसदों ने इस विधेयक को लेकर सरकार की नीयत पर सवाल खड़े किए और कानूनी एवं संवैधानिक तौर पर इसके टिकने को लेकर अपनी बात कही।
इसके जवाब में अरुण जेटली ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने जो कैप लगाई थी, वह जातिगत आरक्षण को लेकर ही थी। अरुण जेटली ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कई बार दोहराया था कि हम सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों को मिलने वाले आरक्षण पर ही यह सीमा तय कर रहे हैं। इसके पीछे अदालत का तर्क यह था कि आप अन्य वर्ग यानी अनारक्षित वर्ग हैं, उनके लिए सीट नहीं छोड़ोगे तो फिर पुराने भेदभाव को तो समाप्त किया जा सकेगा, लेकिन नया भेदभाव शुरू हो जाएगा। इस संतुलन को बनाए रखने के लिए अदालत ने कैप लगाई थी।
इससे पहले विधेयक का किसी भी दल ने सीधे तौर पर विरोध तो नहीं किया, लेकिन सरकार की नीति और नीयत को लेकर सवाल जरूर खड़े किए। आरजेडी के सांसद जयप्रकाश नारायण यादव और एसपी के धर्मेंद्र यादव ने इस बिल को धोखा करार देते हुए आबादी के अनुपात में आरक्षण की बात की।


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