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एनसीईआरटी का ये कैसा संस्कार, डबल मीनिंग कविता को कैसे रखा कोर्स में

बच्चों को उर्दू छाप लिरिक्स की ट्रेनिंग’: कक्षा-1 के पाठ्यक्रम में NCERT की ‘डबल मीनिंग’ कविता पर बवाल

कक्षा 1 में पढ़ाई जाने वाली NCERT की किताब रिमझिम-1 की एक कविता सोशल मीडिया पर ट्रेंड हो रही है। इस कविता का शीर्षक ‘आम की टोकरी’ है। वैसे तो कविता के शीर्षक में कोई समस्या नहीं है। लेकिन कविता की भाषा को पढ़कर कुछ लोगों का कहना है कि यह डबल मीनिंग दे रही है, इसलिए इसे पाठ्यक्रम से हटा देना चाहिए।
आम की टोकरी कविता रामकृष्ण शर्मा खद्दर ने लिखी है। कक्षा 1 के पाठ्यक्रम में इसे 2006 से लगातार पढ़ाया जा रहा है। इस कविता को लेकर सबसे पहले छत्तीसगढ़ कैडर के IAS ने ट्विटर पर आपत्ति जताई थी। इसके बाद कई यूजर्स भी कविता के शब्दों में गंदगी खोजकर इसे हटाने की माँग करने लगे।
आईएएस अवनीश शरण ने इस संबंध में ट्वीट में लिखा, “ये किस ‘सड़क छाप’ कवि की रचना है ?? कृपया इस पाठ को पाठ्यपुस्तक से बाहर करें।”

ट्विटर यूजर संजीव नेवार ने कविता शेयर कर लिखा, “हम अपने बच्चों को साहित्यिक शिक्षा दे रहे हैं या उन्हें उर्दूछाप लिरिक्स की ट्रेनिंग दे रहे रहे हैं।”

सहित कई यूजर्स जमकर के विरोध कर रहे हैं। शिक्षा मंत्री सहित अन्य अधिकारियों को टेग कर के अपना विरोध प्रकट कर रहे हैं।


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