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कपड़ा मजदूर यूनियन की 12 वें दिन भी हड़ताल जारी

 

बालोतरा। पिछले लगभग 2 सप्ताह से बालोतरा औद्योगिक क्षेत्र जसोल और बालोतरा के कपड़ा मजदूर विभिन्न मांगों को लेकर के कपड़ा मजदूर यूनियन के बैनर तले धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। इस धरना प्रदर्शन को लगभग 12 दिन हो गए। लेकिन अभी तक कोई बात बनती हुई नजर नहीं आ रही है। 

कपड़ा मजदूर यूनियन के अध्यक्ष थान सिंह डोली ने बताया कि मजदूर अपने हक के लिए पिछले 12 दिनों से कठोर संघर्ष कर रहे हैं। लेकिन इस बीच उद्यमियों का दिल भी नहीं पसीज रहा है। यह वह मजदूर हैं जो अपनी मेहनत और खून पसीने से उद्यमियों के व्यापार को चार चांद लगाते हैं। अब यह मजदूर छोटी-छोटी मांगों को लेकर के धरना प्रदर्शन कर रहे हैं लेकिन इनकी मांगे अभी तक कोई भी मान नहीं रहे हैं।

दो से तीन बार समझौता वार्ता के तहत उद्यमियों और मजदूर यूनियन के पदाधिकारियों के बीच चर्चाएं हुई लेकिन उद्यमी अपनी बातों पर अड़े हुए हैं। बालोतरा उपखंड अधिकारी नरेश सोनी ने भी मजदूर यूनियन और उद्यमी व उद्यमियों के यूनियन के पदाधिकारियों के साथ में उपखंड अधिकारी कार्यालय में बात की लेकिन उसका भी उद्यमियों की हठधर्मिता के कारण कोई परिणाम नहीं निकल पाया। मजदूर अपने आप को बेसहारा और लाचार समझ रहे हैं। अपने साथ हो रहे शोषण के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं लेकिन उनकी आवाज कोई सुनने वाला नहीं है। थान सिंह धोनी ने बताया कि जब तक मजदूरों की मांगे नहीं मानी जाएगी तब तक यह धरना प्रदर्शन ऐसे ही जारी रहेगा। मजदूर उद्यमियों के लिए अपना खून पसीना वह आते हैं उन मजदूरों के हित की उद्यमी बिल्कुल नहीं सोच रहे हैं। कुछ लोग उल्टा मजदूर व मजदूरों के यूनियन पर अंगल आरोप लगा रहे हैं। ऐसे में समझा जा सकता है कि उद्यमी किस प्रकार से मजदूरों के हितों की रक्षा करने को लेकर कितने गंभीर हैं।

गुरुवार को भी कई प्रकार के समझौता वार्ता को लेकर के मजदूर यूनियन व उद्यमियों के बीच में चर्चाओं का दौर चला लेकिन उद्यमियों की हठधर्मिता के कारण किसी भी प्रकार की कोई बात नहीं बन पाई। हर बार वार्ता में उद्यमी अपने गणितीय आंकड़ों में मजदूर यूनियन को उलझा कर छोड़ देते हैं इससे मजदूरों में काफी रोष है।

कपड़ा मजदूर यूनियन के चुनीलाल गोदाराने बताया है कि पचपदरा विधायक मदन प्रजापत की ओर से बाहरी शब्द का उपयोग करके मजदूरों पर जो बयान दिया है उसे मजदूर बहुत ही दुखी हैं। मजदूरों का कहना है कि मजदूरों के वोट से ही आज मदन प्रजापत विधायक पद पर आसीन हैं ऐसे में मजदूरों का साथ देने की बजाय बाहरी और भीतरी शब्दों का प्रयोग करके मजदूरों का मनोबल तोड़ रहे हैं। विधायक प्रजापत के बयान के बाद से मजदूरों में निराशा की भावना देखने को मिली। इस दोरान गणपत जाणी, मोटा राम नेण, रामा राम, भानाराम, मगराम बेनिवाल, चैनाराम, सहित सेकड़ो मजदूर धरने पर बैठे है

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