स्थानीय एमबीआर राजकीय पीजी महाविद्यालय बालोतरा में अन्तराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस मनाया गया। प्राचार्य डाॅ. प्रतिभा सिंघवी ने सभी विद्यार्थिंयों को इस अवसर पर शुभकामनायें प्रेषित करते हुए बताया कि मनुष्य को कुछ अधिकार प्राकृतिक दृष्टि से मनुष्य होने के नाते मिलते है। समाज की स्वीकृति के बाद राज्य उसे मान्यता देते है हमें अधिकारों के प्रति जागरूक रहते हुए दूसरों के अधिकारों की सुरक्षा करनी चाहिये। सहायक आचार्य नवीन ने बताया कि मानवधिकारों की व्यावहारिकता पर बल दें। हमारे आस-पास के वातावरण में जहां कहीं भी मानव अधिकारों का हनन हो आप उनकी मदद कर मानवता का परिचय देवें। सहायक आचार्य हिम्मताराम चैधरी ने भारतीय संविधान पर मुल अधिकारों के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि संवीधान हमें मानव अधिकारों के सुरक्षा की गांरटी देता है इसके संरक्षण के लिए हम न्यायालय में भी जा सकते है। कार्यक्रम में फरसाराम सराणा ने मानवाधिकारों के ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, महत्त्व व 10 दिसम्बर मानवाधिकार घोषणा पत्र का उल्लेख करते हुए बताया कि मनुष्य का गरिमामय जीवन जीना मानवाधिकारों का मुख्य उद्देश्य रहा है सभी महिलाएं, पुरूष, बच्चे इत्यादि के मानवाधिकारों की सुरक्षा करना हमारा कत्र्तव्य है। संविधान प्रदत्त मुल अधिकारों का पालन करें। छात्र हितेश व पीराराम देवासी ने भी मानवाधिकारों के महत्व के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम में डाॅ. हरिकिशन जोशी, मेहराराम सहित कई छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

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